USD ($)
India Rupee
$
United States Dollar
£
United Kingdom Pound
Euro Member Countries
د.إ
United Arab Emirates dirham
C$
Canada Dollar
$
Australia Dollar
Login Register

माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाने के सरल उपाय !

Created by Asttrolok in Astrology 30 Aug 2023
Share
Views: 2262
माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाने के सरल उपाय !
अपने जीवन में सामान्य सिर दर्द का सामना तो हर व्यक्ति करता है किन्तु माइग्रेन का दर्द सामान्य दर्द से बहुत अलग होता है । जिन लोगों ने माइग्रेन से होने वाले दर्द का सामना किया है या कर रहे हैं , वो लोग इसकी गंभीरता को बखूबी समझ सकते हैं । ये दर्द सिर के जिस हिस्से में होता है ,भयानक कष्टदायक होता है और ऐसा लगता है मानो सिर फटा ही जा रहा है । सिर के साथ ही आँखों में भी दर्द होता है जिसके कारण व्यक्ति उस समय में कोई भी कार्य कर पाने में सक्षम नहीं होता है । 

आज हम आयुर्वेद की मदद से यह समझेंगे कि माइग्रेन होने का प्रमुख कारण क्या है ? साथ ही यह भी समझेंगे कि माइग्रेन के दर्द से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है ?

क्या आप माइग्रेन की समस्या से जूझ रहे हैं? हमारे सबसे अच्छे आयुर्वेद विशेषज्ञ से जुड़ें और अपनी सभी समस्याओं का सबसे अच्छा समाधान पाएं।

ज्योतिष और आयुर्वेद हमारे जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि आप चिकित्सा ज्योतिष पर जानकारी और मार्गदर्शन की तलाश में हैं, तो आप सही जगह पर हैं। ज्योतिष वीडियो कोर्स की मदद से ज्योतिष, आयुर्वेदिक ज्योतिष, वास्तु, हस्तरेखा, अंक ज्योतिष ऑनलाइन सीखें। आप ज्योतिष संस्थान (एस्ट्रोलोक) में इन पाठ्यक्रमों के बारे में सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी श्री आलोक खंडेलवाल एस्ट्रोलोक में मुख्य ज्योतिषी उन्नत ज्योतिष पाठ्यक्रम ऑनलाइन पढ़ाते हैं। अभी दाखिला लें

माइग्रेन क्यों होता है ?


जैसा कि हम जानते हैं कि हमारा शरीर वात दोष ,पित्त दोष व कफ दोष से मिलकर बना है । इन तीनों में से जब दो दोष यानि वात दोष और पित्त दोष शरीर में असंतुलित हो जाते हैं तो माइग्रेन जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है । पित्त दोष बढ़ने का प्रमुख कारण हमारी अनियमित दिनचर्या है । जैसे समय पर भोजन ना करना , देर रात तक जागते रहना , तली हुई व अधिक मिर्च मसाले वाली चीजें खाना , अधिक मात्रा में चाय-कॉफी का सेवन आदि । इन सभी कारणों से शरीर में पित्त दोष बढ़ता है । इसके अलावा अत्यधिक चिंता करना व धूप में घूमने से भी पित्त दोष बढ़ जाता है । पित्त दोष बढ़ने के कारण वात की गति अवरुद्ध होती है जिससे वात दोष भी असंतुलित हो जाता है । इन दोनों के बिगड़ने से माइग्रेन की समस्या उत्पन्न होती है ।

यह भी पढ़ें:- आयुर्वेद के अनुसार अपनी त्वचा व बालों को ऐसे स्वस्थ रखें !



माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाने के सरल उपाय -


माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाने के सरल उपाय निम्नलिखित हैं -

  1. खाने में देशी गाय के घी का सेवन करें । देशी घी हमारे शरीर में वात व पित्त दोनों को संतुलित करता है । 

  2. शाम का खाना सोने से 3 घंटे पहले खा लेना चाहिए । इसके लिए उपयुक्त समय शाम के 7 बजे के आसपास का माना गया है । इसके अलावा यह भी ध्यान रखें कि रात के समय हल्का खाना ही खाना चाहिए । जल्दी खाने और हल्का खाना खाने से खाना अच्छे से पच जाता है जिससे शरीर में पित्त संतुलित रहता है । 

  3. माइग्रेन से बचने के लिए आप आयुर्वेद में बताए गए पंच कर्मों में से विरेचन क्रिया का सहारा ले सकते हैं । पंचकर्म के बारे में हम एक अन्य लेख में विस्तार से बात कर चुके हैं । इसके लिए आप मुलेठी , हरण या त्रिफला के चूर्ण का सेवन कर सकते हैं । 

  4. माइग्रेन के लिए आयुर्वेद में बताई गई नस्य चिकित्सा भी बेहद प्रभावी सिद्ध होती है । अपने पिछले लेख में हम जान चुके हैं हैं कि गले के ऊपर के सभी विकारों में नस्य चिकित्सा बहुत मददगार साबित होती है । इस चिकित्सा में नाक के माध्यम से औषधि को शरीर में पहुंचाया जाता है । इसके लिए देशी घी को हल्का गरम करके उसकी कुछ बूंदों को भी नाक में डाला जा सकता है। 

  5. माइग्रेन के लिए आयुर्वेद में लेपन चिकित्सा का भी उल्लेख है । लेपन चिकित्सा में आप चंदन या जायफल को घिस कर उसका लेप माथे पर लगा सकते हैं । इसके अलावा सिर में तेल की मालिश करने से भी माइग्रेन के दर्द में राहत मिलती है । 

  6. अंतिम उपाय तनाव से बचने के लिए है क्योंकि तनाव माइग्रेन का प्रमुख कारण है ।  तनाव से बचने के लिए प्रतिदिन योग व प्राणायाम अवश्य करें । 


निष्कर्ष -


इस प्रकार से आप आयुर्वेद में बताए गए सरल उपायों को अपनाकर माइग्रेन के दर्द को कम कर सकते हैं या पूरी तरह छुटकारा भी पा सकते हैं । 

यह भी पढ़ें:- प्राण वायु क्या होती है ? जानें इसे बढ़ाने के सरल उपाय !

Comments (0)

Asttrolok

Asttrolok

Admin

Consultants

Akshara Diwakar Kulkarni

Akshara Diwakar Kulkarni

Astrology Hindi, English Exp: 4+ Year
Divyam Gupta

Divyam Gupta

Astrology Hindi, English Exp: 5+ Year
Dr. Narendra Umrikar

Dr. Narendra Umrikar

Astrology | Vastu Specialist
Shobha Desai

Shobha Desai

Astrology Hindi, English Exp: 2+ Year
Rajat Wadhwa

Rajat Wadhwa

Astrology Hindi, English Exp: 6 Years
Laxmi Khandelwal

Laxmi Khandelwal

Astrology Hindi, English Exp: 5+ Year
Sanchit Malhotra

Sanchit Malhotra

Astrology Hindi, English Exp: 4+ Year
Vishnu Dhanuka

Vishnu Dhanuka

Astrology Hindi, English Exp: 5+ Year

Share

Share this post with others

GDPR

When you visit any of our websites, it may store or retrieve information on your browser, mostly in the form of cookies. This information might be about you, your preferences or your device and is mostly used to make the site work as you expect it to. The information does not usually directly identify you, but it can give you a more personalized web experience. Because we respect your right to privacy, you can choose not to allow some types of cookies. Click on the different category headings to find out more and manage your preferences. Please note, that blocking some types of cookies may impact your experience of the site and the services we are able to offer.