हाथ की रेखा बताएगी कैसा होगा आपका प्यार

आपके हाथ की रेखाएं सब कुछ बताती हैं। हस्तरेखा पढने वाले को हस्तरेखा विशेषज्ञ कहते हैं और और इस विद्या को कहते हैं हस्तरेखा अर्थात पल्मिस्ट्री। हाथो की इन अनेको रेखाओ में कुछ चिन्ह भी होते हैं जो व्यक्ति के भविष्य के बारे में कुछ संकेत देते हैं। हाथो में एक संकेत प्यार का भी होता है। व्यक्ति के हाथो की ये एक रेखा बताती हैं कि आपका प्यार कैसा होगा, आपका प्रेमी कैसा होगा और उसके साथ आपकी कैसे निभेगी। 

आज की पोस्ट में हम आपको आपके प्यार से जुडी कुछ जरुरी बाते बताने वाले हैं जो आपकी हाथ की रेखाएं कहती हैं।

प्रेम, प्यार ये सब विवाह का एक अटूट स्तम्भ है जिसमे पति पत्नी और पूरा परिवार एक साथ जुडकर रहता है।

क्या आप ऑनलाइन सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी की तलाश कर रहे हैं? हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषी द्वारा ज्योतिष परामर्श के लिए अभी संपर्क करें।

प्रेम रेखा / विवाह रेखा से जुडी कुछ ख़ास बातें

  • प्रेम रेखा को विवाह रेखा भी कहते हैं।  हस्तरेखा विद्या के अनुसार सबसे छोटी उंगली के नीचे ये प्रेम की रेखा होती है। प्रेम रेखा एक या एक से ज्यादा हो सकती हैं। ये रेखा बाकी रेखाओ के मुकाबले छोटी होती है। एक से अनेक प्रेम रेखाओ में जो सबसे अधिक गहरी होती है उसे विवाह रेखा कहते हैं। हृदय रेखा के ऊपर की ओर और कनिष्ठा रेखा के नीचे की ओर बुद्ध पर्वत पर एक मिलने वाली आड़ी रेखा ही विवाह रेखा होती है। विवाह रेखा एक से ज्यादा होती हैं लेकिन गहरी और लम्बी रेखा को ही पढ़ा जाता है।

     

  • व्यक्ति के हाथ में विवाह रेखा का होना मतलब आप किसी पुरुष या महिला के साथ विवाह के बंधन में जरुर बंधेंगे। विवाह अर्थात प्रेम विवाह का अर्थ है कि आपका किसी न किसी के साथ प्रेम सम्बन्ध होगा। इस रेखा को प्रणय रेखा और वासना रेखा के रूप में भी जाना जाता।

     

  • हस्तरेखा अनुसार यदि अगर व्यक्ति की प्रेम रेखा हल्की और छोटी है तो ऐसे व्यक्ति को अपने रिश्तो की परवाह नही होती है। ऐसी रेखाओ का अर्थ है प्रेमी युगल के बीच प्यार सिर्फ थोड़े ही समय के लिए रहेगा।

     

  • यदि व्यक्ति के हाथ में प्रेम रेखा या विवाह रेखा चौड़ी होती है तो ऐसा व्यक्ति अपने विवाह के लिए उत्साहित नही होता है।

     

  • यदि प्रेम रेखा/विवाह रेखा के अंत में रेखा बट जाती है तो इसका अर्थ है इनका वैवाहिक जीवन दुःख भरा होगा।

     

  • यदि किसी के हाथ में दोमुहीं विवाह रेखा है तो इसका अर्थ है जोड़े का दाम्पत्य जीवन झगडे और क्लेश में बीतेगा।

     

  • यदि दोमुहीं विवाह रेखा से एक रेखा हृदय रेखा को छू रही है तो ऐसे में व्यक्ति का अपनी साली से प्रेम सबंध हो सकता है। ऐसी रेखा यदि किसी महिला के हाथ में है तो उसका सम्बन्ध अपने जेठ या देवर से हो सकता है। इस बात पर हथेली पर बनाए पर्वतों का भी असर होता है।

     

  • यदि व्यक्ति के हाथ पर विवाह रेखा के शुरुवात में एक द्वीप का चिन्ह बना हुआ हो तो इसका अर्थ है इसके ववाहिक जीवन में बहुत परेशानियाँ आने वाली हैं। यदि विवाह रेखा पर एक नही बल्कि ज्यादा द्वीप हैं तो इसका अर्थ है व्यक्ति वैवाहिक जीवन से असंतुष्ट रहगा या रहेगी। इस चिन्ह का होना कई बार बदनामी होने का संकेत होता है।

     

  • यदि विवाह रेखा पर कोई झुकाव और इस पर कोई क्रॉस का निशान बना हो तो ऐसे में पति या पत्नी में से किसी की अचानक मौत हो सकती है या उन दोनों के बीच का प्रेम सम्बन्ध ख़त्म हो सकता है।

     

  • यदि किसी व्यक्ति के हाथ की विवाह रेखा पर कोई काला निशान या धब्बा हो तो इसका अर्थ है व्यक्ति को पत्नी सुख नही मिलेगा।

     

  • जिन व्यक्तियों के हाथ में विवाह रेखा या प्रेम रेखा गहरी और लम्बी है तो इसका अर्थ है व्यक्ति अपने परिवार और अपने रिश्तो को बहुत महत्व देता है और वो अपनी पत्नी या प्रेमिका से सच्चा प्यार करता है।

     

  • यदि  किसी की हथेली में प्रेम की रेखा खंडित है तो पूरी सम्भावना है कि उसे विरह का सामना कर पड़ सकता है। वो अपने प्रेमी या प्रेमिका से अलग हो जाएगा।  इस योग के चलते शादी के कुछ सालो बाद पत्नी पति को वियोग देती है। ये वियोग तलाक या मृत्य से हो सकता है।

     

  • यदि किसी व्यक्ति के हाथ में प्रेम रेखा अर्थात विवाह रेखा एक से अधिक है और इसका अर्थ है  या तो वो एक से ज्यादा विवाह करेगा या फिर विवाह के बाद उसका एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर होगा।

     

  • जिस व्यक्ति के हाथ में दो रेखाएं बुद्ध क्षेत्र में हैं तो इसका अर्थ है उस व्यक्ति के दो विवाह होंगे।

     

  • यदि कोई रेखा विवाह रेखा काट रही है तो इसका अर्थ है उस व्यक्ति को वैवाहिक सुख प्राप्त नही होगा।

यदि आप भी अपनी लव लाइफ या प्रेम सम्बन्ध के बारे में ज्योतिषी से विचार विमर्श करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करे।

सर्वश्रेष्ठ वैदिक विज्ञान संस्थान (एस्ट्रोलोक) से ज्योतिष ऑनलाइन सीखें जहाँ आप विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी श्री आलोक खंडेलवाल से ज्योतिष सीख सकते हैं। इसके अलावा वास्तु पाठ्यक्रम, अंकशास्त्र पाठ्यक्रम, हस्तरेखा पढ़ना, आयुर्वेदिक ज्योतिष, और बहुत कुछ प्राप्त करें। निःशुल्क ऑनलाइन ज्योतिष पाठ्यक्रम उपलब्ध है।

यह भी पढ़ें:- समृद्ध जीवन के लिए अपनाएं वास्तु टिप्स