USD ($)
India Rupee
$
United States Dollar
£
United Kingdom Pound
Euro Member Countries
د.إ
United Arab Emirates dirham
C$
Canada Dollar
$
Australia Dollar
Login Register

जन्मकुंडली से अपने पिछले जन्म के बारे में कैसे जानें ?

Created by Asttrolok in Astrology 30 Aug 2023
Share
Views: 37869
जन्मकुंडली से अपने पिछले जन्म के बारे में कैसे जानें ?
पिछला जन्म और अगला जन्म हम सबके लिए हमेशा से रहस्य का विषय रहा है । बहुत से लोग पिछले जन्म या अगले जन्म को नहीं मानते हैं किन्तु कई लोगों का विश्वास इतना मजबूत होता है कि उन्हें यह तक याद होता है वो पिछले जन्म में कहाँ थे ?क्या करते थे ? इस बारे में ज्योतिष  क्या कहता है , आज के लेख में हम यही जानने वाले हैं । 

ज्योतिष की मदद से हम समझेंगे कि अपनी जन्म कुंडली को देख कर पिछले जन्म के बारे में कैसे पता किया जा सकता है ? 

हमारे सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी से अपने भविष्य या अतीत के बारे में सब कुछ जानें और अपनी सभी चिंताओं का समाधान पाएं। अभी संपर्क करें।

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी श्री आलोक खंडेलवाल द्वारा ज्योतिष, चिकित्सा ज्योतिष, हस्तरेखा, अंकशास्त्र, वास्तु शास्त्र सीखें। अपनी हथेली को पढ़ना सीखें और भविष्य की भविष्यवाणी करें। जानिए आपकी राशि आपके बारे में क्या कहती है। जानिए आज की तारीख और आपके जन्मदिन की तारीख से आपके व्यक्तित्व और बहुत कुछ के बारे में क्या पता चलता है। ज्योतिष संस्थान में सर्वश्रेष्ठ ज्योतिष पाठ्यक्रम के लिए अभी नामांकन करें।

जन्मकुंडली में पूर्व जन्म का स्थान -


जन्म कुंडली के पंचम भाव से पिछले जन्म के बारे में पता किया जाता है । कुंडली की लग्न राशि को पंचम स्थान में रख कर पूर्व जन्म का विचार किया जाता है यानि जन्म कुंडली के पंचम भाव को लग्न बना कर व अन्य भावों को पंचम ग्रह के अनुसार बदल कर देखने से हमारे सामने जो जन्म कुंडली बन जाती है, वो हमारे पिछले जन्म की कुंडली होती है । 

जन्म कुंडली का एक और भाव हमारे पिछले जन्म के बारे में बताता है । जन्म कुंडली के जिस भाव में शनि देव विराजमान हों उस भाव को लग्न बनाकर हम पिछले जन्म का विचार कर सकते हैं । इसके पीछे वजह है कि शनि हमारे कर्मों के देवता हैं और पिछले जन्म के जिन कर्मों का फल हम वर्तमान जन्म में भुगत रहे हैं उससे हमें पिछले जन्म के बारे में पता चल सकता है । 

शनि की मदद से पूर्व जन्म का विचार -


जन्म कुंडली के प्रथम भाव यानि लग्न भाव या  चतुर्थ भाव या सप्तम भाव या एकादश भाव में शनि होने का अर्थ है कि व्यक्ति का परिवार पिछले जन्म में दरिद्र व निम्न कोटि का था । शनि दरिद्रता व निम्नता का कारक ग्रह है । लग्न भाव व लग्न भाव पर दृष्टि रखने वाले भावों में शनि के होने से यह पता चलता है कि व्यक्ति का पिछला जीवन बहुत कष्ट में व धन के अभाव में बीता है । इससे यह भी पता चलता है कि पिछले जन्म में संबंधित व्यक्ति पाप कार्यों में संलग्न रहा है । 

यह भी पढ़ें:- नक्षत्र किसे कहते हैं ? जानिए सभी नक्षत्रों के नाम ,स्वामी व महत्व !



सूर्य की मदद से पूर्व जन्म का विचार -


जन्म कुंडली में सूर्य की मदद से भी पूर्व जन्म का विचार किया जाता है । जन्म कुंडली के षष्ठ , अष्टम व द्वादश भाव में अगर तुला राशि का सूर्य हो तो ऐसा व्यक्ति अपने पिछले जन्म में भ्रष्टाचार के कार्यों में लिप्त रहा है । सूर्य हमारी आत्मा के कारक ग्रह हैं और जन्म कुंडली के सूर्य की निम्न स्थिति होने के अर्थ है कि हमारा आत्मिक बल उच्च व पवित्र नहीं है जिससे हम सही व तटस्थ होकर निर्णय नहीं ले पाते हैं। कुल मिलाकर ऐसे व्यक्ति के पिछले जन्म के कर्म अच्छे नहीं हैं ।
गुरु की मदद से पूर्व जन्म का विचार -

अगर जन्म कुंडली के पंचम या नवम भाव में गुरु हैं तो इसका अर्थ है कि व्यक्ति अपने पिछले जन्म में उच्च कोटि में जन्मा था । वह बेहद आध्यात्मिक व समझदार था । इसके अलावा अगर पंचम या नवम भाव के गुरु पर शुक्र या चंद्र की दृष्टि पड़ रही है तो व्यक्ति ने अपने पिछले जन्म में बहुत पुण्य कार्य किये हैं । 
शुक्र की मदद से पूर्व जन्म का विचार -

शुक्र ऐश्वर्य के कारक हैं । जन्म कुंडली के लग्न भाव या सप्तम भाव में शुक्र के होने का अर्थ है कि ऐसे व्यक्ति ने अपने पिछले जन्म में सभी तरह के सुख भोगे हैं । उसके पास धन की कोई कमी नहीं रही है । उसका दाम्पत्य जीवन भी बहुत सुखमय रहा है ।
निष्कर्ष -

आज हमने जन्म कुंडली के कुछ ग्रहों की मदद से पूर्व जन्म पर विचार किया । पूर्व जन्म के विषय अन्य ग्रहों की मदद से भी विचार किया जा सकता है ,जिसके बारे में हम अगले लेख में बात करेंगे ।

यह भी पढ़ें:- अँगूठे का यह आकार जातक को साहसी बनाता है !

Comments (0)

Asttrolok

Asttrolok

Admin

Consultants

Shrikant Trivedi

Shrikant Trivedi

Astrology Hindi, English Exp: 5+ Year
Nikieta Dhanaani

Nikieta Dhanaani

Astrology, Numerology Hindi Exp: 4+ Year
Monica Jain

Monica Jain

Vastu Expert Hindi, English Exp: 3+ Year
Divyam Gupta

Divyam Gupta

Astrology Hindi, English Exp: 5+ Year
Saloni Raizada

Saloni Raizada

Astrology 3+ Year Exp. Hindi, English
Kunal

Kunal

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year
Mamta Arora

Mamta Arora

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year
Moumita

Moumita

Astrology, Numerology Hindi Exp: 4+ Year

Share

Share this post with others

GDPR

When you visit any of our websites, it may store or retrieve information on your browser, mostly in the form of cookies. This information might be about you, your preferences or your device and is mostly used to make the site work as you expect it to. The information does not usually directly identify you, but it can give you a more personalized web experience. Because we respect your right to privacy, you can choose not to allow some types of cookies. Click on the different category headings to find out more and manage your preferences. Please note, that blocking some types of cookies may impact your experience of the site and the services we are able to offer.