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मांगलिक दोष क्या है और इसका निवारण क्या है?

Created by Asttrolok in Astrology 30 Aug 2023
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मांगलिक दोष क्या है और इसका निवारण क्या है?
 जब भी कोई ज्योतिष किसी की कुंडली देखकर ये कहता है कि उसको मंगल दोष है या वो मंगली है तो सामने वाले के तोते उड़ जाते हैं। उसका मन और दिमाग चिन्ताओ से भर जाता है। खासकर अपनी शादी को लेकर तो व्यक्ति कुछ ज्यादा ही डर जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कई बार मांगलिक दोष होने के कारण विवाह देर से होता है या उसे होने में बहुत सारी अडचने आती हैं। आज के इस पोस्ट में हम आपको मंगल दोष के बारे में आपके कई सवालो का जवाब देने वाले हैं, इसलिए पोस्ट के अंत तक बने रहे।

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मंगल दोष कैसे बनता है?


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में लग्न, ४ वे, 5 बे, ७ वे और 12वे घर अर्थात भाव में विराजित हो, ऐसी स्थिति को मंगल दोष कहते हैं। ज्योतिषी के अनुसार इस मंगल दोष का सबसे बुरा और ज्यादा असर व्यक्ति की शादी पर पड़ता है। इस दोष की वजह से वैवाहिक जोड़े के बीच तालमेल नही बन पाता है। जिनकी कुंडली में मंगल दोष हो उस व्यक्ति को अपने आप में और अकेले में रहना पसंद होता है।

मंगल दोष के दुष्प्रभाव



  • जिनकी कुंडली में मंगल लग्न भाव में है उनका व्यवहार और स्वभाव बहुत गुस्से वाला होगा और उसमें अहंकार भी होगा।

  • यदि कुंडली में मंगल ग्रह चौथे भाव में है तो व्यक्ति को कम सुख मिलेगे और उसके कई परेशानियाँ उठानी पड़ेगी।

  • यदि कुंडली में मंगल सातवे भाव में हो तो व्यक्ति के वैवाहिक संबंध बिगड़ जाते हैं।

  • यदि आठवे भाव में मंगल ग्रह विराजित है तो व्यक्ति की जीवन में सुख नही होगा, ससुराल सुख नही मिलेगा और उनसे मनमुटाव भी हो सकता है।

  • यदि कुंडली में मंगल 12 वे भाव में बिराजित हैं तो जीवन में कई शारीरिक परेशानियाँ, बीमारी, लड़ाई झगडे आदि होंगे।

  • मांगलिक दोष के कारण विवाह देर से होता है और अगर हो जाता है तो जल्दी ही टूट जाता है।

  • विवाह होने के बाद कई परेशानियाँ झेलनी पड़ती है।

  • जीवन साथ से हमेशा खट्टास बनी रहेगी।

  • व्यक्ति हमेशा गुस्से में ही रहेगा।

  • ऐसे व्यक्ति को खून से सम्बंधित परेशानी और विकार हो सकते हैं।


मांगलिक दोष दूर करने के लिए करे पूजा



  • मांगलिक दोष दूर करने के लिए मंगलनाथ पूजा 


विशेषज्ञो के अनुसार किसी की कुंडली में मंगल दोष दूर करने के लिए सबसे उत्तम और सर्वोपरि स्थान है उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर। इस महातीर्थ पर मंगल ग्रह से जुड़े हर दोष का निवारण होता है। कई लोगो ने यहाँ पर मांगलिक दोष दूर करने के लिए पूजा करवाई और उसके बाद उनके विवाह के सामने आने वाली सभी अडचने दूर होने लग गयी और उनकी शादी हो गयी और शादी के बाद भी वो सुखमय दाम्पत्य जीवन जीते हैं। ज्योतिष शास्त्र अनुसार मंगल देवता जिन्हें भूमिपुत्र भी माना जाता है उनकी पूजा यदि विधि विधान से  और पूरी श्रद्धा से की जाए तो मंगल दोष दूर हो जाता है और व्यक्ति के जीवन में मंगलमय अनुभव होने लगते हैं।

  • मंगल दोष के लिए मंगला गौरी की आराधना 


यदि व्यक्ति मांगलिक दोष को शीघ्र और शुभ तरीके से दूर करना  चाहता है तो उन्हें माँ मंगला गौरी की श्रद्धा पुर्वक पूजा करवानी चाहिए।  भारत में माँ मंगला गौरी के अनेको मंदिर है, आप किसी भी मंदिर में ये पूजा करवा सकते हैं। इतने सारे पावन धाम में से एक पवित्र धाम बनारस में भी है। ये बालाजी घाट पर बना हुआ है। ज्योतिष अनुसार यदि व्यक्ति इस मंदिर के सात, चौदह या बारह बार दर्शन करने आए तो उसके ऊपर से मंगल दोष दूर हो जाता है। इस पूजन के तेज से व्यक्ति के विवाह से सम्बंधित सभी बाधाएं दूर होने लगती है। इस मंदिर में माँ को हल्दी से बनी माला चढाने का बहुत महत्व है।

कुंडली से मंगल दोष ख़त्म करने के ज्योतिषी उपाय



  • मांगलिक दोष वाले व्यक्ति को मंगल देवता और हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए।  मंगलवार को यदि श्रद्धा और मन से सुन्दरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए तो इसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।

  • मंगलवार को मसूर दाल, लाल कपडे या लाल फल दान देकर भी मंगल दोष कम किया जा सकता है।

  • ऐसा माना जाता है कि जिनकी कुंडली में मांगलिक दोष है उन्हें मंगल ग्रह से जुड़े किसी भी चीज को किसी को भी उपहार या दान में नही देना चाहिए जैसे नीम का पेड़, मूंगा, लाल मसूर दाल और रक्त।

  • मांगलिक दोष वालो को लाल जूते भी नही पहनने चाहिए।

  • घर में लाल जमीन भी नही होनी चाहिए।

  • मंगल ग्रह का तत्व अग्नि है और इसकी दिशा पूर्व दक्षिण है। 

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