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*15 जून को सूर्य का मिथुन राशि मे प्रवेश*

*15 जून को सूर्य का मिथुन राशि मे प्रवेश*

*15 जून को सूर्य का मिथुन राशि मे प्रवेश* 
*कई दुर्लभ योग व चतुर्ग्रही योग बनेगे*

15 जून शनिवार शाम 5:38 बजे सूर्य देव वृषभ राशि से अपनी मित्र राशि मिथुन मे प्रवेश करेंगे जिससे मिथुन राशि मे चतुर्ग्रही योग व कई दुर्लभ योग बनेगें। मिथुन राशि मे मंगल, राहु व बुध के पूर्व में होने से त्रिग्रही योग बना हुआ है। सूर्य के प्रवेश से चतुर्ग्रही योग बनेगा जो की 21 जून तक यह योग बना रहेगा। 

21जून सुबह 2:29 बजे बुध अपनी स्वराशि मिथुन छोड़कर चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश करेगा। इसके पश्चात मिथुन राशि मे त्रिग्रही योग बना रहेगा। जो 22 जून रात्रि 11: 21 बजे मंगल के कर्क राशि मे प्रवेश से समाप्त होगा।

    सूर्य के इस गोचर के साथ ही 15 जून  से कई दुर्लभ योग बनेगें।

*बुधादित्य योग*  सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश के साथ ही मिथुन राशि में 'बुधादित्य योग' का निर्माण होगा। 'बुधादित्य योग' एक राजयोग है, जो जातक को जीवन में प्रचुर लाभ व समृद्धि प्रदान करता है।  सूर्य व बुध की युति को 'बुधादित्य' नामक राजयोग के नाम से जाना जाता है।
*गजकेसरी योग*  चंद्र वृश्चिक राशि में रहेंगे। चंद्र किसी भी राशि में मात्र सवा दो दिन तक ही स्थित रहते हैं। नवग्रहों में एकमात्र चंद्र ही ऐसे ग्रह हैं, जो सबसे कम दिन किसी राशि में रहते हैं। देवगुरु बृहस्पति पहले से ही वक्र गति होकर वृश्चिक राशि में विराजमान हैं। चंद्र की गोचरवश इस उपस्थिति से वृश्चिक राशि में  'गजकेसरी' नामक राजयोग का सृजन होगा। 'गजकेसरी' योग भी सुप्रसिद्ध राजयोग है, जो जातक को जीवन आशातीत सफलता एवं उन्नति प्रदान करता है।

*ग्रहण योग*  सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश के साथ ही मिथुन राशि में 'ग्रहण योग' का भी निर्माण होने जा रहा है। मिथुन राशि में राहु पूर्व से ही स्थित हैं। सूर्य के गोचर से मिथुन राशि में सूर्य-राहु की युति का निर्माण होगा जिसे 'ग्रहण योग' के नाम से जाना जाता है। 'ग्रहण योग' एक अशुभ योग है, जो जातक को जीवन असफलता व संघर्ष देता है।
*अंगारक योग* राहु व मंगल की युति पूर्व से ही मिथुन राशि मे बनी हुई है। जिससे 'अंगारक' योग बना हुआ है। 'अंगारक योग' एक अत्यंत अशुभ व अनिष्टकारी योग है जिसके कारण जातक को अपने जीवन में संकटों व असफलताओं का सामना करना पड़ता है। मंगल के 22 जून को कर्क राशि मे प्रवेश से यह योग समाप्त हो जायेगा।

*किन किन राशियो पर पड़ेगा सर्वाधिक प्रभाव*

 इन दुर्लभ संयोगों से सभी 12 राशियों के जातक प्रभावित होंगे किंतु सर्वाधिक प्रभावित मिथुन राशि वाले जातक होंगे, क्योंकि इनमें से अधिकतर योग मिथुन राशि में ही बन रहे हैं।
शुभ प्रभाव वाली राशियां- वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक, मकर, मीन होंगी।
अशुभ प्रभाव वाली राशियां- मेष, मिथुन, सिंह, धनु, कुंभ 

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा
9302325222

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