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जानिये हाथ में त्रिभुज का मतलब ??

जानिये हाथ में त्रिभुज का मतलब ??

June 26, 2018 Palmist Rataan, Trident Sign In Palm, हस्त रेखा विज्ञान हाथ मे त्रिभुज का मतलब दोस्तो हमारे हाथ मे हाथ का आकार,उंगलिया, अंगूठा,पर्वत ओर मुख्य रेखाओ के अलावा लघु रेखाओ से बनने वाले चिन्हों का भी विशेष महत्व होता है। ऐसी कड़ी में आज हम बात करेंगे त्रिभुज की। हाथ मे अलग अलग स्थान पर त्रिभुज होने का क्या मतलब होता है।इसी कड़ी में सबसे पहले बात करेंगे।पर्वतो पर त्रिभुज का परिणाम। 1 गुरु पर्वत पर त्रिभुज होना बहुत ही सोभाग्य की बात है।ऐसे में जातक सफलता प्राप्त करेगा,बुद्धिमान होगा,शासन करने वाला,महत्वकांशी,उपकार करने वाला,कूटनीतिज्ञ,प्रबंधक,यश प्रप्ति ,प्रगति करने वाला,उच्च पद प्राप्त करने वाला,चालाक, न्याधीश, नियमित जीवन चर्या वाला,ओर धर्मिक व सामाजिक होगा। 2 सूर्य पर्वत पर त्रिभुज होना भी सोभाग्य की बात है ऐसे जातक कलाकार होते है।चित्रकला में नाम रोशन करने वाले,उपकारी,उच्च पद को प्राप्त करने वाले,ज्ञानी होंगे लेकिन अभिमान बिल्कुल नही होगा,ऐसे इंसान जीवन मे बहुत यस प्राप्त करते है । लेकिन अगर त्रिबुज में दोष है जैसे कनिष्का से सुरु होकर सूर्य पर्वत को क्रॉस कर रहा है तो के सही नही है ऐसे में ये जातक को बदनामी दिलवायेगा ।असफलता मिलेगी। 3. चंद्र पर्वत पर त्रिभुज होना भी सोभाग्य की बात मानी गयी है।ऐसे में जातक बड़ा कलाकार,राष्ट्रकवि,अनेक विदेश यात्राओं का योग,दार्शनिक, मिलनसार,गुप्त विद्या का जानकार,जादूगर,लेखक,संगीतज्ञ,अभिनेता,जीवन मे सफलता प्राप्त करने वाला। अगर त्रिभुज में दोष है तो कल्पना शक्ति अधिक होगी लेकिन कार्य शक्ति बिल्कुल नही,लेकिन ऐसे जातक को किसी स्त्री से धन प्राप्त होता है। 4 मंगल पर्वत पर त्रिभुज का निशान अच्छा माना गया है! ऐसे जातक योजना बना कर काम करने वाले।रण में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता,सेना पति, धर्य वान ,साहसी, संकट में रक्षा करने वाला,नेता,या उच्च कोटि का सृजन होता है। अगर त्रिभुज में दोष हो तो ऐसे जातक निर्दय ओर कायर होता है। 5 बुध पर्वत पर त्रिभुज होना अति सोभाग्य की बात है,ऐसे जातक कूटनीतिज्ञ ,सुखी,सफल,प्रतिभावान,लेखक,स्थिर भूस्वामी, वक्ता,मेहनती,विदेशो में व्यापार करने वाला,वैज्ञानिक,कलाकार, कमजोरी का फायदा उठाने वाला,विद्वान,धनी,यश प्राप्त करने वाला,ओर चक्रवर्ती सम्राट होता है।लेकिन आगेर त्रिभुज में दोष है तो जातक अस्थिर मानसिकता का व्यक्ति,मज़ाकिया, जुवारी,दिवाला निकलने वाला होता है। 6 सुक्र पर्वत पर त्रिभुज होने से ऐसे जातक जीवन मे बहुत सी स्त्रियो को भोगने वाला,सरल,मधुर,प्रेम का संतुलन बनाये रखने वाला,भौतिक, शान शोकत का मालिक ,उच्च स्तर का कलाकार,सौन्दर्य प्रेमी, चित्रकार,गणितज्ञ होता है। लेकिन अगर त्रिभुज में दोष है तो जातक पर स्त्रीगामी,दुष्चरित्र का इंसान होता है। 7 शनि पर्वत पर त्रिभुज होने का मतलब जातक गुप्त विद्याओ का जानकार है।ऐसे जातक त्राटक में माहिर होते है,तंत्र मंत्र के जानकार,साधक,ज्योतिषी,एकांत वाशी ,योगी,चित्रकार,धार्मिक, व्यक्तिगत स्वभिमान को अहमियत देने वाले होते है। 8 राहु पर्वत पर त्रिभुज होना बहुत ज्यादा भाग्य की बात होती है ऐसे जातक मुँह में सोने का चमच्च लेकर पैदा होते है,राजनीतिज्ञ,विद्वान,उपकारी, मन्त्री ,दृढ़ निश्चय रखने वाला, घम्बिर,यात्रा प्रेमी होता है। लेकिन अगर त्रिभुज में दोष है तो जातक को संघर्ष का सामना करना पड़ता है। 9 केतु पर्वत पर त्रिभुज होने का मतलब है बाल्य काल से से ही जातक धन में खेलेगा, राजनीति से ज़ुड़ा होगा,उच्च पद को प्राप्त करेगा । लेकिन अगर त्रिभुज में दोष है तो जातक बचपन से ही बीमार होगा। 10 प्रजापति ( हर्षल) का मतलब है जातक को संघर्ष के बाद ही सफलता मिलेगी।लेकिन बाद में विश्व स्तर पर स्मान प्राप्त करता है।निर्भय वैज्ञानिक अनुसंधान कर्ता।अगर त्रिभुज में दोष है तो जीवन को खतरा हो सकता है। 11, वरुण ( नेप्च्यून) चतुर,लेखक,विदेश में विवाह,कवि होता है। उसके बाद बात करते है रेखाओ की 1 जीवन रेखा अगर त्रिभुज जीवन रेखा पर है तो जातक को सम्मान दिलवाता है, दीर्घायु ,धनवान,पिता से लाभ मिलता है। 2 मस्तिष्क रेखा पर त्रिभुज होना अच्छा होता है। ऐसे जातक विज्ञान और बुद्धि से धन प्राप्त करते है।इनको मामा से धन प्राप्त होता है,ऐसे जातक प्रारम्भ में कुशाग्र बुद्धि वाले होते है और अंत मे अविष्कारक होते है। अगर त्रिभुज भाग्य रेखा से मिलकर बनता है तो जातक धर्मिक भी होता है। 3 ह्रदय रेखा पर त्रिभुज होना अच्छा है ऐसे जातक भाग्य शाली होते है।स्वस्थ, यश प्राप्त करने वाले।होते है। 4 सूर्य रेखा पर त्रिभुज होना सोभाग्य की बात है ऐसे जातक अंतरराष्ट्रीय सफलता प्राप्त करता है।स्पस्टवक्ता होता है जीवन मे सभी सुखों की प्राप्ति करता है। 5 भाग्य रेखा पर त्रिभुज होना एच नही कहा जा सकता ये जीवन मे संघर्ष करवाता है।बार बार असफलता मिलती है।लेकिन कई बार अचानक धन की प्राप्ति भी होती है।अगर सुरु में है तो प्रतिभा से उन्नति,अगर मस्तिक्ष रेखा के पास है तो तो युवा अवस्था मे सफलता । आगे ह्रदय रेखा के पास है तो वर्द अबस्था में सफलता मिलती है। 6 विवाह रेखा पर त्रिभुज होना बिल्कुल एच नही होता। ऐसे में जातक आजीवन अविवाहित राह सकता है।ग्रस्थजीवन बेकार,तलाक,के योग बनता है। If you are interested in writing articles related to astrology then do register at – https://astrolok.in/my-profile/register/ or contact at astrolok.vedic@gmail.com

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