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जानिये कब बनेगा

जानिये कब बनेगा

" स्वयं के घर का योग " जैसा की हर व्यक्ति की इच्छा होती हैं की उसका स्वयं का घर हो लेकिन कई प्रयास के बाद भी उसको किराये के मकान या पुश्तैनी मकान में रहना पड़ता हैं इस प्रश्न का उत्तर वैदिक पद्धति द्वारा ज्योतिषीय दृष्टिकोण से ही मिल सकता हैं. यहाँ हमें वर्तमान समय में ग्रहो की महादशा व अन्तर्दशा का अध्ययन करना पड़ेगा साथ साथ हमें गोचर में गुरु व शनि का भी अध्ययन करना पड़ेगा. १) यदि महादशानाथ या अन्तर्दशानाथ का सम्बन्ध चतुर्थ भाव/ चतुर्थेश से हो तो मकान का योग बनता हैं. २) यदि महादशानाथ या अन्तर्दशानाथ के स्वामी का सम्बन्ध एकादश भाव/ एकादशेश से हो  तो भी मकान का योग बनता हैं  क्यूंकि इच्छापूर्ति  होती हैं जब मकान बनंता हैं. ३) यदि महादशानाथ या अन्तर्दशानाथ के स्वामी का सम्बन्ध तृतीय भाव/तृतियेश से हो तो पुराना मकान बिकने के बाद नया मकान बनता हैं. ४) यदि महादशानाथ या अन्तर्दशानाथ के स्वामी का सम्बन्ध छटे भाव या छटे भाव के स्वामी से हो  और उसका सम्बन्ध चौथे भाव के स्वामी या चौथे भाव से होता हैं तो मकान कर्जा लेकर बनाना पड़ता हैं. ५) यदि महादशानाथ या अन्तर्दशानाथ के स्वामी का सम्बन्ध बारवे भाव/बारवे भाव के स्वामी से हो तो मकान इन्वेस्टमेंट के हिसाब से बनता हैं. महत्वपूर्ण नोट:- स्वयं का मकान बनाने के लिए हनुमान जी व शनि महाराज की उपासना करना चाहिए क्यूंकि जमीन के कारक मंगल ग्रह हैं व कंस्ट्रक्शन के कारक शनि ग्रह हैं इसलिए दोनों की सेवा करने से मकान जल्दी व शांतिपूर्ण तरीके से बन जाता हैं. Guruwani (Astrologer & Consultant) 98267-36794 Astrolok is one of the best astrology institute where you can learn vedic astrology, marriage astrology, nadi astrology, horoscope matching through live vedic astrology classes. It is a free platform to write astrology articles. Become a part of it by registering at https://astrolok.in/my-profile/register/

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